Tuesday, 17 January 2012


शुभ प्रभात मित्रों!


भ्रष्टाचार-काले धन के सिलसिले में करेंगे आम जनता को जागरूक.


आप अच्छा करो और ज़माना बुरा समझे, यह आपके हक मे बेहतर है, बजाये इसके आप बुरा करो और ज़माना आप को अच्छा समझे ..
जो इंसान वतन और इंसानियत के लिए काम करेगा हम सब उसके साथ है ..........
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नये साल में रेलवे का नया तोहफा जिसने मचा चारो तरफ खलबली
रेलवे स्टेशन पर दस मिनट तक चलती रही पोर्न फिल्म


भुवनेश्वर।
भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन के 24 टेलीविजन सेट्स पर शनिवार दोपहर को करीब दस मिनट तक अश्लील फिल्म चलती रही। रेलवे ने जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस ने इस सिलसिले में टीवी ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया है। 


आरपीएफ सूत्रों ने बताया कि दोपहर 3:30 बजे विभिन्न प्लेटफार्म, वेटिंग रूम और रिजर्वेशन काउंटर पर एक साथ दस मिनट तक अश्लील फिल्म चलती रही। 


निजी कंपनी के टीवी ऑपरेटर आशुतोष स्वेन ने अपना अपराध मान लिया है। उसने अपने मोबाइल से रेलवे टीवी सर्वर के मेन चैनल में अश्लील फिल्म अपलोड की थी। 


रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। टीवी कंट्रोल रूम को सील कर दिया गया है, प्रसारण के लिए चार माह पूर्व ही एक निजी कंपनी को ठेका दिया गया था। आरोपी रेलवे को टीवी सर्विस देने वाली प्राइवेट कंपनी में काम करता है। 




पूछताछ में आशुतोष ने बताया कि उसने अपने मोबाइल से स्टेशन टीवी के सर्वर पर ब्लू फिल्म अपलोड की थी। एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने बताया कि रेलवे ने मामले की जांच के आदेश दे दिये हैं और स्टेशन टीवी के सर्वर रूम को सील कर दिया गया है।
http://www.bhaskar.com/article/NAT-porn-film-telicast-ten-minutes-at-the-railway-station-2751815.html

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Tuesday, 22 November 2011

वर्ल्ड कप विजेता महिला खिलाड़ियों का पहले होटल और फिर सड़क पर 'अपमान'


     
वर्ल्ड कप विजेता महिला खिलाड़ियों का पहले होटल और फिर सड़क पर 'अपमान'
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बठिंडा में हुए भयानक हादसे के बाद महिला टीम के पास एक ही ट्रैक सूट बचा। उस हादसे में खिलाड़ियों के सारे कपड़े, पैसे और जरूरी सामान जलकर खाक हो गए थे। हालांकि बठिंडा के डीसी ने एक अफसर को खिलाड़ियों के साथ बाजार भी भेजा, लेकिन खिलाड़ी हादसे से इतने घबराए और सहमे हुए थे, कि केवल एक ट्रैक सूट खरीद कर ले आई। और वही एक ट्रैक सूट तीन दिनों तक पहनती रहीं। केवल यही नहीं, इस बीच प्रत्येक खिलाड़ी को दस हजार देने का एलान भी किया गया था। बावजूद इसके खिलाड़ियों के हाथों कुछ नहीं लगा और पैसे न होने की वजह से खिलाड़ियों के घर वापसी की समस्या खड़ी हो गई।

 क्रिकेट जैसे खेल को सरकार हर तरह से प्रोत्साहन देती है क्या कबड्डी के लिए सिर्फ खेल का आयोजन करना पर्याप्त है ? महिला खिलाड़ियों के इस अपमान पर आप और हम किसे दोसी माने किसे दोषी माने ये जांच का विषय हैं , हमें लगता इसमें कई विभाग और उनके अधिकारी दोषी हैं ?
  इस सरे परकरण की जांच होनी चाहिए और दोषियों को तुरंत सजा देनी चाहिए 
वरना खिलाडियों और खेल प्रेमियों का दिल टूट जायेगा ....... जिसका नुकशान देश को भुगतना पड़ेगा ...............

नरेश कुमार शर्मा "नरेश "
अखिल भारतीय छात्र कल्याण परिषद् 


Tuesday, 15 November 2011

आप सभी सम्मानित दोस्तों को सदर प्रणाम व बुजुर्गो को चरण बंदगी ...

आप सभी सम्मानित दोस्तों को सदर प्रणाम व बुजुर्गो को चरण बंदगी ...
आज का दिन आप के लिए शुभ हो .........
धर्म की जय हो , अधर्म का नाश हो ......
प्राणियों में सद भावना हो , विश्व का कल्याण हो .....
.................................................................
आपका , आपके विचारो का स्वागत है ...
आप से निवेदन है की हमारे पेज को भी लाइक...
............................................................
आज हम सब भारत को भ्रष्टाचार मुक्त समृद्धशाली देखना चाहते हैं !

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रैगिंग के राक्षस अभी भी खुलेआम अपनी करतूतों को बेखौफ अंजाम दे रहे हैं.




हमें हैरानी होती है कि कैसे देश के एक जाने माने सैनिक स्कूल में रैगिंग के राक्षस अभी भी खुलेआम अपनी करतूतों को बेखौफ अंजाम दे रहे हैं. कैसे उनकी वजह से एक होनहार अपना भविष्य तकरीबन गवां चुका है और कैसे दूसरे छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है.

अखिल भारतीय छात्र कल्याण परिषद् माननीय सुप्रीम कोर्ट एवं सरकार से अपील करती है की ऐसे स्कूल / कॉलेज जहाँ 
रैगिंग के राक्षस अभी भी खुलेआम अपनी करतूतों को बेखौफ अंजाम दे रहे हैं. वहां के प्रिसिपल / वार्डेन को भी सजा दें , ताकि 
रैगिंग के राक्षस को ख़तम किया जा सके ......
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Tuesday, 8 November 2011

11 died after consuming wild boar magisterial probe ordered | जंगली सुअर खाने से 11 मौंते 60 बीमार, मजिस्‍ट्रेट जांच का आदेश - Oneindia Hindi


मांस खाना खतरनाक तो होता ही है , लोग लालच में मरे हुए जानवर को भी नहीं छोड़ते
जिसका नतीजा इसतरह का भी हो सकता है ......
ये गलती नहीं है , इसे बेवकूफी कह सकते है , जिसका नतीजा , परिवार ,समाज और सरकार को भुगतना पड़ता है !

Saturday, 5 November 2011

How do I use the Blogger Reading List?

How do I use the Blogger Reading List?

'एक लीटर पेट्रोल पर 45 रुपये का टैक्स'


http://www.facebook.com/KHULIBAATNEWSPAPERINDIA
विशेष संवाददाता ॥
नई दिल्ली
'एक लीटर पेट्रोल पर 45 रुपये का टैक्स'
बीजेपी ने केंद्र सरकार से पेट्रोल के दाम बढ़ाने के बारे में पूछा है कि जब सरकारी तेल कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं तो फिर सरकार बार-बार पेट्रोल के दाम क्यों बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए शासन में जब पेट्रोल को डिरेगुलेट किया गया था, उस वक्त तय किया गया था कि अगर कच्चे तेल की कीमत बढ़ेगी तो सरकार टैक्स को ऐडजस्ट करेगी ताकि इस बढ़ोतरी का जनता पर बोझ न डालना पड़े। ऐसे में मौजूदा सरकार क्यों नहीं टैक्स कम करके जनता को पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से निजात दिलाती।


बीजेपी का यह भी दावा है कि इस वक्त पेट्रोल की कीमत में से एक बड़ा हिस्सा टैक्स का ही है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 68.65 रुपये लीटर है जबकि वास्तव में तेल की कीमत 23.37 रुपये है यानी बाकी 45.28 रुपये टैक्स है। बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा का कहना है कि 1998 में जब एनडीए सरकार शासन में आई थी, तब कच्चा तेल 10 डॉलर प्रति बैरल था और जब उनकी सरकार गई तो यह 40 डॉलर बैरल तक पहुंच गया था लेकिन इसके बावजूद उस वक्त तेल की कीमतें इसलिए ज्यादा नहीं बढ़ीं क्योंकि उस सरकार ने टैक्सों को ऐडजस्ट कर लिया था। 2004 में पेट्रोल के रेट 33.71 रुपये लीटर थे और उसके बाद से लगातार बढ़ोतरी हो रही है और अब इसके दाम 68.65 रुपये तक पहुंच गए हैं यानी यूपीए सरकार अपने शासन में पेट्रोल की दर में 35 रुपये लीटर की बढ़ोतरी कर चुकी है।


उन्होंने कच्चे तेल की खरीद और पेट्रोल की कीमत के बारे में बताया कि भारत ने कच्चे तेल के लिए जो अग्रीमेंट किए हुए हैं, उसमें रोजाना मार्केट में कीमतों में उछाल के मुताबिक दाम नहीं बढ़ते। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तेल की कीमत का औसत निकाला जाता है और वही कीमत सरकार को देनी होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यह सही है कि कच्चे तेल की कीमत जुलाई 2008 में 146 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची थी लेकिन अगर 2006 से 2011 के बीच अगर कच्चे तेल की औसत कीमत निकाली जाए तो वह 80 डॉलर प्रति बैरल है। इस तरह कायदे से पेट्रोल के दाम इतने बढ़ने ही नहीं चाहिए। अगर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में यह दाम बढ़ते भी हैं तो सरकार को टैक्सों को इस तरह से ऐडजस्ट करना चाहिए कि जनता पर उसका बोझ न पड़े।


बीजेपी नेता ने सरकार ने इस तर्क को भी नकार दिया, जिसमें कहा गया था कि रुपये का अवमूल्यन होने की वजह से पेट्रोल के दाम बढ़ाने पड़े हैं। उनका कहना है कि जब रुपये की कीमत कम होती है तो पेट्रोल के दाम बढ़ाए जाते हैं लेकिन जब रुपया महंगा होता है तो फिर दाम कम क्यों नहीं किए जाते। यही नहीं, अगर रुपये का अवमूल्यन हो रहा है तो उसे रोकने के लिए सरकार अपने 315 बिलियन डॉलर के रिजर्व का इस्तेमाल क्यों नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि पड़ोसी देशों में से भारत में ही पेट्रोल के दाम सबसे ज्यादा हैं। मसलन, अगर भारतीय रुपये के बराबर का आकलन किया जाए तो पाकिस्तान में भारतीय रुपये में 48.41 रुपये लीटर पेट्रोल मिल जाएगा। इसी तरह से बांग्लादेश में यह दर 44.80 रुपये और श्रीलंका में यह दर 50.30 रुपये लीटर है।
http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/10610198.cms

'एक लीटर पेट्रोल पर 45 रुपये का टैक्स'


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विशेष संवाददाता ॥
 नई दिल्ली 
'एक लीटर पेट्रोल पर 45 रुपये का टैक्स'
बीजेपी ने केंद्र सरकार से पेट्रोल के दाम बढ़ाने के बारे में पूछा है कि जब सरकारी तेल कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं तो फिर सरकार बार-बार पेट्रोल के दाम क्यों बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए शासन में जब पेट्रोल को डिरेगुलेट किया गया था, उस वक्त तय किया गया था कि अगर कच्चे तेल की कीमत बढ़ेगी तो सरकार टैक्स को ऐडजस्ट करेगी ताकि इस बढ़ोतरी का जनता पर बोझ न डालना पड़े। ऐसे में मौजूदा सरकार क्यों नहीं टैक्स कम करके जनता को पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से निजात दिलाती। 


बीजेपी का यह भी दावा है कि इस वक्त पेट्रोल की कीमत में से एक बड़ा हिस्सा टैक्स का ही है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 68.65 रुपये लीटर है जबकि वास्तव में तेल की कीमत 23.37 रुपये है यानी बाकी 45.28 रुपये टैक्स है। बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा का कहना है कि 1998 में जब एनडीए सरकार शासन में आई थी, तब कच्चा तेल 10 डॉलर प्रति बैरल था और जब उनकी सरकार गई तो यह 40 डॉलर बैरल तक पहुंच गया था लेकिन इसके बावजूद उस वक्त तेल की कीमतें इसलिए ज्यादा नहीं बढ़ीं क्योंकि उस सरकार ने टैक्सों को ऐडजस्ट कर लिया था। 2004 में पेट्रोल के रेट 33.71 रुपये लीटर थे और उसके बाद से लगातार बढ़ोतरी हो रही है और अब इसके दाम 68.65 रुपये तक पहुंच गए हैं यानी यूपीए सरकार अपने शासन में पेट्रोल की दर में 35 रुपये लीटर की बढ़ोतरी कर चुकी है। 


उन्होंने कच्चे तेल की खरीद और पेट्रोल की कीमत के बारे में बताया कि भारत ने कच्चे तेल के लिए जो अग्रीमेंट किए हुए हैं, उसमें रोजाना मार्केट में कीमतों में उछाल के मुताबिक दाम नहीं बढ़ते। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तेल की कीमत का औसत निकाला जाता है और वही कीमत सरकार को देनी होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यह सही है कि कच्चे तेल की कीमत जुलाई 2008 में 146 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची थी लेकिन अगर 2006 से 2011 के बीच अगर कच्चे तेल की औसत कीमत निकाली जाए तो वह 80 डॉलर प्रति बैरल है। इस तरह कायदे से पेट्रोल के दाम इतने बढ़ने ही नहीं चाहिए। अगर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में यह दाम बढ़ते भी हैं तो सरकार को टैक्सों को इस तरह से ऐडजस्ट करना चाहिए कि जनता पर उसका बोझ न पड़े। 


बीजेपी नेता ने सरकार ने इस तर्क को भी नकार दिया, जिसमें कहा गया था कि रुपये का अवमूल्यन होने की वजह से पेट्रोल के दाम बढ़ाने पड़े हैं। उनका कहना है कि जब रुपये की कीमत कम होती है तो पेट्रोल के दाम बढ़ाए जाते हैं लेकिन जब रुपया महंगा होता है तो फिर दाम कम क्यों नहीं किए जाते। यही नहीं, अगर रुपये का अवमूल्यन हो रहा है तो उसे रोकने के लिए सरकार अपने 315 बिलियन डॉलर के रिजर्व का इस्तेमाल क्यों नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि पड़ोसी देशों में से भारत में ही पेट्रोल के दाम सबसे ज्यादा हैं। मसलन, अगर भारतीय रुपये के बराबर का आकलन किया जाए तो पाकिस्तान में भारतीय रुपये में 48.41 रुपये लीटर पेट्रोल मिल जाएगा। इसी तरह से बांग्लादेश में यह दर 44.80 रुपये और श्रीलंका में यह दर 50.30 रुपये लीटर है।
http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/10610198.cms