Tuesday, 22 November 2011

वर्ल्ड कप विजेता महिला खिलाड़ियों का पहले होटल और फिर सड़क पर 'अपमान'


     
वर्ल्ड कप विजेता महिला खिलाड़ियों का पहले होटल और फिर सड़क पर 'अपमान'
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बठिंडा में हुए भयानक हादसे के बाद महिला टीम के पास एक ही ट्रैक सूट बचा। उस हादसे में खिलाड़ियों के सारे कपड़े, पैसे और जरूरी सामान जलकर खाक हो गए थे। हालांकि बठिंडा के डीसी ने एक अफसर को खिलाड़ियों के साथ बाजार भी भेजा, लेकिन खिलाड़ी हादसे से इतने घबराए और सहमे हुए थे, कि केवल एक ट्रैक सूट खरीद कर ले आई। और वही एक ट्रैक सूट तीन दिनों तक पहनती रहीं। केवल यही नहीं, इस बीच प्रत्येक खिलाड़ी को दस हजार देने का एलान भी किया गया था। बावजूद इसके खिलाड़ियों के हाथों कुछ नहीं लगा और पैसे न होने की वजह से खिलाड़ियों के घर वापसी की समस्या खड़ी हो गई।

 क्रिकेट जैसे खेल को सरकार हर तरह से प्रोत्साहन देती है क्या कबड्डी के लिए सिर्फ खेल का आयोजन करना पर्याप्त है ? महिला खिलाड़ियों के इस अपमान पर आप और हम किसे दोसी माने किसे दोषी माने ये जांच का विषय हैं , हमें लगता इसमें कई विभाग और उनके अधिकारी दोषी हैं ?
  इस सरे परकरण की जांच होनी चाहिए और दोषियों को तुरंत सजा देनी चाहिए 
वरना खिलाडियों और खेल प्रेमियों का दिल टूट जायेगा ....... जिसका नुकशान देश को भुगतना पड़ेगा ...............

नरेश कुमार शर्मा "नरेश "
अखिल भारतीय छात्र कल्याण परिषद् 


Tuesday, 15 November 2011

आप सभी सम्मानित दोस्तों को सदर प्रणाम व बुजुर्गो को चरण बंदगी ...

आप सभी सम्मानित दोस्तों को सदर प्रणाम व बुजुर्गो को चरण बंदगी ...
आज का दिन आप के लिए शुभ हो .........
धर्म की जय हो , अधर्म का नाश हो ......
प्राणियों में सद भावना हो , विश्व का कल्याण हो .....
.................................................................
आपका , आपके विचारो का स्वागत है ...
आप से निवेदन है की हमारे पेज को भी लाइक...
............................................................
आज हम सब भारत को भ्रष्टाचार मुक्त समृद्धशाली देखना चाहते हैं !

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रैगिंग के राक्षस अभी भी खुलेआम अपनी करतूतों को बेखौफ अंजाम दे रहे हैं.




हमें हैरानी होती है कि कैसे देश के एक जाने माने सैनिक स्कूल में रैगिंग के राक्षस अभी भी खुलेआम अपनी करतूतों को बेखौफ अंजाम दे रहे हैं. कैसे उनकी वजह से एक होनहार अपना भविष्य तकरीबन गवां चुका है और कैसे दूसरे छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है.

अखिल भारतीय छात्र कल्याण परिषद् माननीय सुप्रीम कोर्ट एवं सरकार से अपील करती है की ऐसे स्कूल / कॉलेज जहाँ 
रैगिंग के राक्षस अभी भी खुलेआम अपनी करतूतों को बेखौफ अंजाम दे रहे हैं. वहां के प्रिसिपल / वार्डेन को भी सजा दें , ताकि 
रैगिंग के राक्षस को ख़तम किया जा सके ......
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Tuesday, 8 November 2011

11 died after consuming wild boar magisterial probe ordered | जंगली सुअर खाने से 11 मौंते 60 बीमार, मजिस्‍ट्रेट जांच का आदेश - Oneindia Hindi


मांस खाना खतरनाक तो होता ही है , लोग लालच में मरे हुए जानवर को भी नहीं छोड़ते
जिसका नतीजा इसतरह का भी हो सकता है ......
ये गलती नहीं है , इसे बेवकूफी कह सकते है , जिसका नतीजा , परिवार ,समाज और सरकार को भुगतना पड़ता है !

Saturday, 5 November 2011

How do I use the Blogger Reading List?

How do I use the Blogger Reading List?

'एक लीटर पेट्रोल पर 45 रुपये का टैक्स'


http://www.facebook.com/KHULIBAATNEWSPAPERINDIA
विशेष संवाददाता ॥
नई दिल्ली
'एक लीटर पेट्रोल पर 45 रुपये का टैक्स'
बीजेपी ने केंद्र सरकार से पेट्रोल के दाम बढ़ाने के बारे में पूछा है कि जब सरकारी तेल कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं तो फिर सरकार बार-बार पेट्रोल के दाम क्यों बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए शासन में जब पेट्रोल को डिरेगुलेट किया गया था, उस वक्त तय किया गया था कि अगर कच्चे तेल की कीमत बढ़ेगी तो सरकार टैक्स को ऐडजस्ट करेगी ताकि इस बढ़ोतरी का जनता पर बोझ न डालना पड़े। ऐसे में मौजूदा सरकार क्यों नहीं टैक्स कम करके जनता को पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से निजात दिलाती।


बीजेपी का यह भी दावा है कि इस वक्त पेट्रोल की कीमत में से एक बड़ा हिस्सा टैक्स का ही है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 68.65 रुपये लीटर है जबकि वास्तव में तेल की कीमत 23.37 रुपये है यानी बाकी 45.28 रुपये टैक्स है। बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा का कहना है कि 1998 में जब एनडीए सरकार शासन में आई थी, तब कच्चा तेल 10 डॉलर प्रति बैरल था और जब उनकी सरकार गई तो यह 40 डॉलर बैरल तक पहुंच गया था लेकिन इसके बावजूद उस वक्त तेल की कीमतें इसलिए ज्यादा नहीं बढ़ीं क्योंकि उस सरकार ने टैक्सों को ऐडजस्ट कर लिया था। 2004 में पेट्रोल के रेट 33.71 रुपये लीटर थे और उसके बाद से लगातार बढ़ोतरी हो रही है और अब इसके दाम 68.65 रुपये तक पहुंच गए हैं यानी यूपीए सरकार अपने शासन में पेट्रोल की दर में 35 रुपये लीटर की बढ़ोतरी कर चुकी है।


उन्होंने कच्चे तेल की खरीद और पेट्रोल की कीमत के बारे में बताया कि भारत ने कच्चे तेल के लिए जो अग्रीमेंट किए हुए हैं, उसमें रोजाना मार्केट में कीमतों में उछाल के मुताबिक दाम नहीं बढ़ते। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तेल की कीमत का औसत निकाला जाता है और वही कीमत सरकार को देनी होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यह सही है कि कच्चे तेल की कीमत जुलाई 2008 में 146 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची थी लेकिन अगर 2006 से 2011 के बीच अगर कच्चे तेल की औसत कीमत निकाली जाए तो वह 80 डॉलर प्रति बैरल है। इस तरह कायदे से पेट्रोल के दाम इतने बढ़ने ही नहीं चाहिए। अगर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में यह दाम बढ़ते भी हैं तो सरकार को टैक्सों को इस तरह से ऐडजस्ट करना चाहिए कि जनता पर उसका बोझ न पड़े।


बीजेपी नेता ने सरकार ने इस तर्क को भी नकार दिया, जिसमें कहा गया था कि रुपये का अवमूल्यन होने की वजह से पेट्रोल के दाम बढ़ाने पड़े हैं। उनका कहना है कि जब रुपये की कीमत कम होती है तो पेट्रोल के दाम बढ़ाए जाते हैं लेकिन जब रुपया महंगा होता है तो फिर दाम कम क्यों नहीं किए जाते। यही नहीं, अगर रुपये का अवमूल्यन हो रहा है तो उसे रोकने के लिए सरकार अपने 315 बिलियन डॉलर के रिजर्व का इस्तेमाल क्यों नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि पड़ोसी देशों में से भारत में ही पेट्रोल के दाम सबसे ज्यादा हैं। मसलन, अगर भारतीय रुपये के बराबर का आकलन किया जाए तो पाकिस्तान में भारतीय रुपये में 48.41 रुपये लीटर पेट्रोल मिल जाएगा। इसी तरह से बांग्लादेश में यह दर 44.80 रुपये और श्रीलंका में यह दर 50.30 रुपये लीटर है।
http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/10610198.cms

'एक लीटर पेट्रोल पर 45 रुपये का टैक्स'


http://www.facebook.com/KHULIBAATNEWSPAPERINDIA
विशेष संवाददाता ॥
 नई दिल्ली 
'एक लीटर पेट्रोल पर 45 रुपये का टैक्स'
बीजेपी ने केंद्र सरकार से पेट्रोल के दाम बढ़ाने के बारे में पूछा है कि जब सरकारी तेल कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं तो फिर सरकार बार-बार पेट्रोल के दाम क्यों बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए शासन में जब पेट्रोल को डिरेगुलेट किया गया था, उस वक्त तय किया गया था कि अगर कच्चे तेल की कीमत बढ़ेगी तो सरकार टैक्स को ऐडजस्ट करेगी ताकि इस बढ़ोतरी का जनता पर बोझ न डालना पड़े। ऐसे में मौजूदा सरकार क्यों नहीं टैक्स कम करके जनता को पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से निजात दिलाती। 


बीजेपी का यह भी दावा है कि इस वक्त पेट्रोल की कीमत में से एक बड़ा हिस्सा टैक्स का ही है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 68.65 रुपये लीटर है जबकि वास्तव में तेल की कीमत 23.37 रुपये है यानी बाकी 45.28 रुपये टैक्स है। बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा का कहना है कि 1998 में जब एनडीए सरकार शासन में आई थी, तब कच्चा तेल 10 डॉलर प्रति बैरल था और जब उनकी सरकार गई तो यह 40 डॉलर बैरल तक पहुंच गया था लेकिन इसके बावजूद उस वक्त तेल की कीमतें इसलिए ज्यादा नहीं बढ़ीं क्योंकि उस सरकार ने टैक्सों को ऐडजस्ट कर लिया था। 2004 में पेट्रोल के रेट 33.71 रुपये लीटर थे और उसके बाद से लगातार बढ़ोतरी हो रही है और अब इसके दाम 68.65 रुपये तक पहुंच गए हैं यानी यूपीए सरकार अपने शासन में पेट्रोल की दर में 35 रुपये लीटर की बढ़ोतरी कर चुकी है। 


उन्होंने कच्चे तेल की खरीद और पेट्रोल की कीमत के बारे में बताया कि भारत ने कच्चे तेल के लिए जो अग्रीमेंट किए हुए हैं, उसमें रोजाना मार्केट में कीमतों में उछाल के मुताबिक दाम नहीं बढ़ते। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तेल की कीमत का औसत निकाला जाता है और वही कीमत सरकार को देनी होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यह सही है कि कच्चे तेल की कीमत जुलाई 2008 में 146 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची थी लेकिन अगर 2006 से 2011 के बीच अगर कच्चे तेल की औसत कीमत निकाली जाए तो वह 80 डॉलर प्रति बैरल है। इस तरह कायदे से पेट्रोल के दाम इतने बढ़ने ही नहीं चाहिए। अगर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में यह दाम बढ़ते भी हैं तो सरकार को टैक्सों को इस तरह से ऐडजस्ट करना चाहिए कि जनता पर उसका बोझ न पड़े। 


बीजेपी नेता ने सरकार ने इस तर्क को भी नकार दिया, जिसमें कहा गया था कि रुपये का अवमूल्यन होने की वजह से पेट्रोल के दाम बढ़ाने पड़े हैं। उनका कहना है कि जब रुपये की कीमत कम होती है तो पेट्रोल के दाम बढ़ाए जाते हैं लेकिन जब रुपया महंगा होता है तो फिर दाम कम क्यों नहीं किए जाते। यही नहीं, अगर रुपये का अवमूल्यन हो रहा है तो उसे रोकने के लिए सरकार अपने 315 बिलियन डॉलर के रिजर्व का इस्तेमाल क्यों नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि पड़ोसी देशों में से भारत में ही पेट्रोल के दाम सबसे ज्यादा हैं। मसलन, अगर भारतीय रुपये के बराबर का आकलन किया जाए तो पाकिस्तान में भारतीय रुपये में 48.41 रुपये लीटर पेट्रोल मिल जाएगा। इसी तरह से बांग्लादेश में यह दर 44.80 रुपये और श्रीलंका में यह दर 50.30 रुपये लीटर है।
http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/10610198.cms

" SAT SAT NAMAN "


आप सभी सम्मानित दोस्तों को सदर प्रणाम !
http://www.facebook.com/pages/SAT-SAT-Naman/212294575509416

दोस्तों ये पेज " SAT SAT NAMAN " आपका अपना पहला ऐसा पेज है 
जिस पर आप अमर शहीदों , अपने बुजुर्गो के की यादे लिख सकते है 
उनके यादगार फोटो लोड कर सकते हैं , उनको अपने / परिवार व दोस्तों की
तरफ से श्रधा सुमन अर्पित कर / करवा सकते हैं !
आपके - हमारे  अमर शहीद व बुजूर्ग आज के माहोल (अपराध / भ्रष्टाचार )  
से बहुत दूर थे ...........
परिवार सेवा , समाज सेवा व देश सेवा उनमे कूट-कूट कर भरी हुई थी 
उन्ही की सेवओं एवं कुर्बनिओं  के फल स्वरुप देश आजाद हो सका और 
आजाद देश में हमें रहने का सुख मिला !
  आपके - हमारे  अमर शहीदों  व बुजुर्गो द्वारा की गई सेवाएँ / कुर्बानियाँ 
बेकार ना जाएँ , इसलिए हमें जागरूक होना होगा , हमें कुम्भ्करनी नींद से 
जागना होगा ताकि आप और हम मिल कर अपराध / भ्रष्टाचार को ख़त्म 
 करने के लिए  अपराधियों / भ्रष्टाचारियों को पकडवा सकें, सजा दिलवा सकें  !
" अपराध / भ्रष्टाचार "  मिटेंगा  तब ही समाज एवं देश बचेगा .......
आप और हम सोते रहे तो अपराधी / भ्रष्टाचारी देश को बेच देंगे ,
गुलाम करवा देंगे ........................
पूजे न शहीद गए तो फिर, यह पंथ कौन अपनाएगा ?
तोपों के मुँह से कौन अकड़ अपनी छातियाँ अड़ाएगा ?
चूमेगा फन्दे कौन, गोलियाँ कौन वक्ष पर खाएगा ?
अपने हाथों अपने मस्तक फिर आगे कौन बढ़ाएगा ?
पूजे न शहीद गए तो फिर आजादी कौन बचाएगा ?
फिर कौन मौत की छाया में जीवन के रास रचाएगा ?
पूजे न शहीद गए तो फिर यह बीज कहाँ से आएगा ?
धरती को माँ कह कर, मिट्टी माथे से कौन लगाएगा ?
जय हिंद , जय भारत    वन्देमातरम , वन्देमातरम 

आपके शुभाकान्ग्क्षी 
नरेश कुमार शर्मा "नरेश "
http://www.facebook.com/AISWC

वन्देमातरम ! वन्देमातरम ! वन्देमातरम !





पूजे न शहीद गए तो फिर, यह पंथ कौन अपनाएगा ?
तोपों के मुँह से कौन अकड़ अपनी छातियाँ अड़ाएगा ??
चूमेगा फन्दे कौन, गोलियाँ कौन वक्ष पर खाएगा ???
अपने हाथों अपने मस्तक फिर आगे कौन बढ़ाएगा ????
पूजे न शहीद गए तो फिर आजादी कौन बचाएगा ?????
फिर कौन मौत की छाया में जीवन के रास रचाएगा ??????
पूजे न शहीद गए तो फिर यह बीज कहाँ से आएगा ???????
धरती को माँ कह कर, मिट्टी माथे से कौन लगाएगा ???????


वन्देमातरम ! वन्देमातरम ! वन्देमातरम ! 


आपके शुभाकान्ग्क्षी 
नरेश कुमार शर्मा "नरेश "

भ्रष्टाचार







भ्रष्टाचार .....


ओ भ्रष्टाचारियो सुन लो, भूखी जनता की चीत्कार 
हमारा मुद्दा कपडा - रोटी और अचार , तुम्हारा मुद्दा भ्रष्टाचार .....
प्रजातंत्र बेचारी की ये साड़ी तुम दुर्योधन बन खिंच रहे हो.
सब कुछ तो खा चुके हो , और कितना खून निचोड़ोगे ... 
सुख चुके आँखों के आंसू , बहते थे जो बन के धार,
हमारा मुद्दा कपडा - रोटी और अचार , तुम्हारा मुद्दा भ्रष्टाचार .....
राजनीती के चौपड़ पे तुम ये जो दाँव आपस में खेल रहे हो,
क्या बिगाड़ा था हमने जो तुम, बारी बारी नोच रहे हो ?
आरोपों प्रत्यारोपों का जो , कर रहे हो नाटक बारम बार 
हमारा मुद्दा कपडा - रोटी और अचार , तुम्हारा मुद्दा भ्रष्टाचार .....
सुख चूका आँखों का पानी, गंगा जमुना सरस्वती की औलादों का ,
नंग धडंग तांडव कर रहे , आओ देखो नाच जल्लादों का 
सारे भ्रष्टाचारी धन के पीछे, छीन रहे जनता का कपडा रोटी और अचार,
हमारा मुद्दा कपडा - रोटी और अचार , तुम्हारा मुद्दा भ्रष्टाचार .....
हम त्रस्त हैं, तुम भ्रष्ट हो, हम पस्त हैं, तुम मस्त हो,
हम लुट गए, तुम लूट गए , क्यों कोई तुमको कष्ट हो ?
भ्रष्टाचारियो बस जान लो , बहुत हुआ ये अत्याचार ,
हमारा मुद्दा कपडा - रोटी और अचार , तुम्हारा मुद्दा भ्रष्टाचार .....


जय हिंद , जय भारत 
वन्देमातरम ! वन्देमातरम ! वन्देमातरम !


नरेश कुमार शर्मा "नरेश "
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टॉपलेस हुई यह बोल्ड मॉडल,......... किया अन्ना का सपोर्ट




टॉपलेस हुई यह बोल्ड मॉडल,......... किया अन्ना का सपोर्ट
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मुंबई में रहने वाली मराठी एक्ट्रेस योगिता दांडेकर ने अन्ना हजारे का समर्थन करने के लिए अपने कपड़े उतार फेंके हैं| योगिता ने अपने शरीर को पेंटकर कैमरे के सामने न्यूड पोज दिए हैं | इस बोल्ड एक्ट्रेस ने यह भी कहा है कि संसद में जनलोकपाल बिल पास हो जाने के बाद वह टॉपलेस होकर दौड़ भी लगाएंगी...........
         योगिता जी जनलोकपाल बिल के समर्थन में न्यूड होकर पेन्ट करवाना और घूमना सस्ती लोकप्रियता हासिल करने वाली बात ही  है| योगिता जी आपने तो  यह प्रण किया है कि इस बिल के पास होने के बाद आप  टॉपलेस होकर दौड़ लगाओगी ..........          
हमें तो लगता है आपको दौड़ लगाने की तैयारी कर लेनी चाहिए .......क्योकि  लोकपालबिल तो पास होना ही है !
एक बात और बताये आपको हमें तो लगता आप जैसी नंगी होने वाली लडकियों की हरकतों से अन्ना जी को समर्थन नहीं मिलता  बल्कि बदनामी होती है ???????
         अगर आपका यही मानना है की आपकी इस तरह की हरकतों से अन्ना जी को समर्थन मिलता है तो
शायद आपने देर कर दी अगर आप दिल्ली के रामलीला मैदान इसी पोज़ में आती तो शायद अभीतक  जनलोकपाल बिल पास भी हो गया होता ??
          खैर छोडो आप समझदार है ,पढ़ी लिखी है और  माडल भी  है ..... आजाद देश की आजाद महिला है , ये खूबसूरत  शरीर आपका है जैसे चाहे रहे या रक्खे ..........


     लेकिन देश की जनता को इतना जरूर बता दो की कहा दौड़ लगाओगी मुंबई में या दिल्ली में  ??


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